A2Z सभी खबर सभी जिले कीअन्य खबरेधार्मिकनागपुरमहाराष्ट्र

दैवशयनी एकादशी से चातुर्मास का आरंभ होता है

देवशयनी एकादशी व्रत करने से भगवान विष्णु- माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है।

।। वंदेभारतलाइवटीव न्युज, बुधवार 22 जुलाई 2026 ।।

<img src="https://vandebharatlivetvnews.com/wp-content/uploads/2026/07/20260722_164108-240×300.jpg" alt="" width="240" height="300" class="alignnone size-medium wp-image-696563"
नागपुर, महाराष्ट—:: धार्मिक मान्यतानुसार के अनुसार देवशयनी एकादशी व्रत के दिन भगवान विष्णु जी योगनिद्रा में चले जाते हैं,और इसी दिन यानि कि देवशयनी एकादशी से चातुर्मास का आरंभ भी हो जाता है । देवशयनी एकादशी व्रत पूजन करने से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है। देवशयनी एकादशी का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है । देवशयनी एकादशी दिन से शादी विवाह, गृह प्रवेश, आदि मांगलिक जैसे शुभ मांगलिक कार्य वर्जित हो जाते हैं। यह सभी मांगलिक कार्य फिर से देवउठनी एकादशी के दिन से पुन: प्रारंभ हो जाते हैं। पंचांग के अनुसार इस बार देवशयनी एकादशी व्रत की तिथी की शुरुआत 24 जुलाई 2026 शुक्रवार को सुबह 09:13 बजे से हो रही है, और इस तिथी का समापन 25 जुलाई 2026 शनिवार को सुबह 11:35 बजे होगा। हिन्दू धर्म मे किसी भी व्रत तिथी को उदया तिथी के अनुसार माना जाता है, इस हिसाब से इस बार देवशयनी एकादशी व्रत उपवास 25 जुलाई 2026 शनिवार को मनाया जायेगा।.देवशयनी एकादशी व्रत पूजन के दौरान प्रातःकाल स्नान आदि से निवृत्त होकर भगवान श्रीहरि विष्णु जी की पूजा करनी चाहिए।.एकादशी तिथी का पारण दूसरे दिन 26 जुलाई 2026रविवार को सुबह 05:40 बजे सो लेकर सुबह 08:20बजे तक किया जा सकता है। देवशयनी एकादशी पर सुबह उठकर स्नान आदि करके साफ स्वच्छ पीले वस्त्र धारण करने चाहिए।.इसके बाद भगवान श्रीहरि विषणुजी की प्रतिमा तस्वीर के सामने व्रत पूजन का संकल्प लेना चाहिए।.माता लक्ष्मी विष्णु जी की मूर्ति या तस्वीर स्थापित कर पूजन वंदन करना चाहिए। भगवान को पंचामृत गंगाजल से स्नान करवाना चाहिए, फिर भगवान को पीत वस्त्र, पीले पुष्प, चंदन , रोली, अक्षत, तुलसीदल, अर्पित करना चाहिए।.सात्विक भोग जिसमें तुलसीदल जरूर हना चाहिए, अर्पित करना चाहिए।.इस दिन एकादशी व्रत कथा का वाचन करना, सुनना चाहिए और पूजन के अंत में धूप दीप कपूर आदि से आरती करनी चाहिए, पूजा व्रत के दौरान ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का यथाशक्ति जाप करना उत्तम रहता है ।.इस दिन दान धर्म आदि करना शुभफलदायक पुण्यदायक होता है । देवशयनी एकादशी पर अन्न दान का विशेष महत्व होता है। इस दिन आटा घी गुड़ फल आदि जरूरतमंद लोगों को दान मे दिया जाना चाहिए।.

Show More

अनंतपद्मनाभ

D Anant Padamnabh, village- kanhari, Bpo-Gorakhpur, Teh-Pendra Road,Gaurella, Distt- gpm , Chhattisgarh, 495117,
Check Also
Close
Back to top button
error: Content is protected !!